Friday, February 13, 2026
कोरबा न्यूज़

बड़े बुजुर्गों की संगति जीवन में समृद्धि के रास्ते खोलते हैं : डॉ. सालिक राम कोसले

समाचार की दुनिया

कोरबा -गुरूवार की शाम पुराने बस स्टेशन में सीनियर सिटीजन मीट का आयोजन किया गया जिसमें विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. सालिक राम कोशले उपस्थित थे यह सीनियर सिटीजन मीट मैं कोई विशेष ड्रेस कोड या तामझाम नहीं रखा गया था यह एक ऐसा मीट पूरी छत्तीसगढ़ में पहली बार देखा गया जहां समानता अपने बात और विचारों को हंसी मजाक के रूप में एक दोस्त के रूप में सभी अपना विचार रखें!

यह कार्यक्रम पूर्व से निर्धारित था वह स्थान पुराना बसस्टेशन कोरबा रखा गया था क्योंकि यहां रखा गया था क्योंकि यहां अक्सर सीनियर सिटीजन लोगों का जमावड़ा होता है इस कार्यक्रम में लगभग 30 सें 35 सीनियर सिटीजन लोग उपस्थित थे
जिन में रिटायर्ड प्रधान पाठक जेपी कोसले, व्याख्याता वाघमारे, संतोष कुमार पटेल, राजेश सूर्यवंशी, गौतम, बुधवार दास मानिकपुरी, प्रकाश यादव व अन्य लोग उपस्थित थे

“घर की दहलीज़ पर दुआओं का पहरा होता है,
जहाँ बुजुर्गों का साया गहरा होता है।”
“मुसीबतें रास्ता बदल लेती हैं अक्सर,
जब सिर पर बड़ों का हाथ होता है।”
“दौलत विरासत में मिल सकती है, मगर संस्कार और दुआएं बुजुर्गों के चरणों में ही मिलती हैं।”
“अपनी जड़ों से जुड़े रहना है तो बुजुर्गों के साथ बैठिए,
वो वो तज़ुर्बा सिखा देंगे जो किताबें नहीं सिखा पातीं।”

इंसान को अगर दोस्ती करनी हो तो अपने से कम से कम 10 साल बड़े उम्र क़े व्यक्ति से दोस्ती करनी चाहिए क्योंकि जो अनुभव और एक्सपीरियंस उनके पास होता है, वह आपके पास नहीं होता कई लोग इसे अपने सफलता का हिस्सा भी बन चुके हैं यहां तक हम देखें कि अपने दैनिक लाइफ में भी अपने से उम्रदराज व्यक्ति का ही सलाह लेते हैं क्योंकि उनका बताया हुआ रास्ता सही गलत की फर्क हमें भविष्य में लाभ ही देता है!

हमारे इस व्यवहार से हमें तो बहुत ही फायदे हैं साथ ही साथ जो बड़े बुजुर्ग हो चुके हैं 60 सें 70,80,90 या उनसे भी ज्यादा उम्रदराज के व्यक्तियों को भी से अपने अकेलेपन से निजद दिलाने में फायदा होता है,
क्योंक़ी यह उम्र का ऐसा दौर होता है, जब लोग इनसे दुर होना चाहते हैं!

सोचिये आयसे में आप उनके दोस्त बन कर आप अपना और उनका कितना भला कर सकते हैं!

एक उम्र दराज व्यक्ति निस्वार्थ भावना से आपको सलाह आपका मदद करने में अपने आप को अच्छा व्यक्ति मानता है जबकि कम उम्र के व्यक्ति कहीं ना कहीं अपनी स्वार्थ सिद्ध करने में लगा होता है यह जीवन की सच्चाई है समझे और आपनी सोच और अपने जीवन में अपनाया!

“दोस्ती कोई खोज नहीं होती, दोस्ती हर किसी से रोज़ नहीं होती, अपनी ज़िंदगी में हमारी मौजूदगी को बे-वजह न समझना, क्योंकि पलकें आँखों पर कभी बोझ नहीं होते हैं.