Saturday, June 27, 2026
कोरबा न्यूज़

रेतघाट बंद होने से आवास योजना में लगा ग्रहण, ठेकेदार सहित आम नागरिक परेशान बालू से जुड़ी हैं लोगों का रोजगार

समाचार की दुनियां 
कोरबा -राज्य सरकार राष्ट्रीय हरित न्यायधिकारण ngt के तहत नदी नालों से निकलने वाले रेतघाट पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया है,लेकिन शहर  विकास  और गरीब आशियाने के लिए बालू की जरुरत क़ो नहीं समझ पा रहें हैं, बात कर रहें हैं कोरबा जिले की जो शासन के योजनाओ के तहत सभी रेतघाट बंद कर दिए गए हैं. आम पब्लिक तो बालू के लिए दो चार तो हो रहें हैं. साथ हीं बालू डुलाई करने वाले वाहन मालिक भी परेशान हो रहें हैं,क्योंकि गाड़ी की किस्ती व लेबर ड्राइवरों से जुड़े उनकी रोजी रोटी समस्या से जुडी हुई हैं,इन दिनों देखा जाए तो खनिज विभाग कार्यवाही क़ो लेकर पीछे भी नहीं हैं, जो आम नागरिक की शिकायत क़ो लेकर भी ताबड़तोड़ कार्यवाही की जा रहीं हैं.बात करें  बारिश के दिनों में आवास योजनाओं क़ो लेकर तो निगम प्रशासन बरसात के दिनों में भी मकान बनवाने की बात कहीं जा रहीं हैं, भरे बरसात में मकान क़ो तोड़कर भवन बनवाने पर जोर डाल रहीं हैं. बकायदा नोटिस देने की बात भी कहीं जा रहीं हैं. यहां तक की की भवन नहीं बना पाओगे पैसा लेप्स हो जाने की बात भी कहीं जा रहीं हैं ऐसे में गरीब तबके के लोग बालू कहां से ख़रीदे और अपना मकान कैसे बनवाए ये समझ से परे हैं औने पौने दाम में अगर कहीं से बालू मिल भी जाए तो गरीब लोगों के लिए खरीदना मुश्किल हो जाता हैं. रहीं बात खनिज विभाग के भंडराण की तो मात्र गिने चुने लोगों क़ो भण्डारण की परमिशन दी गई हैं, जो शहर के आम नागरिकों क़ो नहीं बल्कि प्लांटो में बेचने के लिए दी गई हैं, निगम छेत्र में जिसके पास भण्डारण की अनुमति दी गई हैं, वो पटटाधारी किसी क़ो भी बालू देने क़ो तैयार नहीं ,खुद प्लांटो में बेचकर मोटी रकम कमा रहें हैं,ऐसे में बालू की पूर्ति और लोगों की समस्या कैसे हल होंगी ये समझ से परे हैं.जिला प्रशासन चाहे तो खुद भण्डारण करके लोगों क़ो रेत उपलब्ध करा सकती हैं या जिसको भण्डारण की अनुमति दी गई हैं उनको आदेश देकर रेत की किल्लत क़ो दूर किया जा सकता हैं.लेकिन प्रशासन क़ो जनता से कोई सरोकार नहीं हैं..