*अपराधी कितना भी चालाक क्यों न हो, वह अपने पीछे कोई ना कोई सुराग- सबूत अवश्य छोड़ जाता है। अपराधों की विवेचना का यह मूल सिद्धांत कोरबा के राशन घोटाला मामले में शत- प्रतिशत सच सिद्ध हो रहा है।*
कोरबा 14 अप्रैल। अपराध शास्त्र ( क्रीमीनालॉजी) का एक सूत्र वाक्य है- अपराधी कितना भी चालाक क्यों न हो, वह
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