Monday, January 26, 2026
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किसान आत्महत्या वाले मामले में पटवारी निलंबित, कलेक्टर ने लिया संज्ञान, तहसीलदार क़ो नोटिस

समाचार की दुनिया

कोरबा- धान खरीदी वर्ष 2025-26 के सुचारू संचालन हेतु शासन द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार गिरदावरी में छूटे तथा त्रुटिवश दर्ज कृषकों के रकबा सुधार और ऑनलाइन मैपिंग का कार्य प्रगति पर है। इसी अंतर्गत पटवारी हल्का नंबर 03, रा.नि.मं. तिवरता, तहसील हरदीबाजार के ग्राम नोनबिर्रा, उड़ता एवं पूटा के कृषकों के रकबा की ऑनलाइन मैपिंग की गई थी।

पूरा मामला किसान सुमेर सिंह से जुड़ा हुआ है, बताते चलें कि किसान अपनी फसल बेचने परेशान था गिरदावरी में किसान की जमीन पठार और अन्य फसल लिखे होने की वजह से किसान का धान का टोकन नहीं कट रहा था, पटवारी और तहसीलदार कार्यालय के चक्कर काटते काटते किसान थक गया और जनदर्शन में शिकायत भी की लेकिन कार्यवाही नहीं होने से किसान ने आज सोमवार की सुबह कीटनाशक का सेवन कर लिया, आनन फानन में किसान को मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया जहां किसान की हालत सामान्य बताई जा रहीं है, पूरे मामले को कलेक्टर ने गंभीरता से लिया और पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया वही तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, पाली द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार संबंधित पटवारी श्रीमती कामिनी कारे द्वारा अनेक कृषकों का क्षेत्र निरीक्षण एवं सत्यापन नहीं किया गया, जिसके कारण प्रभावित कृषक धान उपार्जन केंद्रों में अपना धान विक्रय नहीं कर पा रहे हैं। यह कृत्य शासन के निर्देशों की अवहेलना, कार्य के प्रति उदासीनता एवं स्वेच्छाचारिता का परिचायक पाया गया है।
उक्त कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 03 का उल्लंघन एवं कदाचार की श्रेणी में पाया गया है। इसे ध्यान में रखते हुए श्रीमती कामिनी कारे, पटवारी हल्का क्रमांक 03 को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण व अपील) नियम 1966 के नियम 9 के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय पाली निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
इसी प्रकरण में पर्यवेक्षण की कमी पाए जाने पर तहसीलदार हरदीबाजार श्री अभिजीत राजभानु को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं एवं धान खरीदी कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।